बिहार में बुधवार को वोटर लिस्ट रिवीजन के खिलाफ विपक्षी दलों ने बंद बुलाया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने पटना पहुंचे। उन्होंने चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला और विपक्षी नेताओं के साथ चुनाव आयोग कार्यालय की ओर मार्च किया। लेकिन इस दौरान एक असहज स्थिति देखने को मिली, जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी।
राहुल गांधी जब विरोध मार्च के लिए गाड़ी पर सवार हुए तो राजद नेता तेजस्वी यादव और विकासशील इंसान पार्टी के नेता मुकेश सहनी उनके साथ मंच साझा कर रहे थे। उसी दौरान कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भी गाड़ी पर चढ़ने की कोशिश करने लगे। लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने दोनों को मंच पर चढ़ने से रोक दिया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इसमें साफ देखा जा सकता है कि कन्हैया कुमार गाड़ी पर चढ़ने की कोशिश करते हैं, लेकिन सुरक्षाकर्मी उन्हें नीचे उतार देते हैं। वहीं, पप्पू यादव गाड़ी के पास खड़े नजर आते हैं, लेकिन राहुल गांधी उनसे कोई संवाद किए बिना आगे बढ़ जाते हैं।
विपक्ष पर खड़े हुए सवाल
इस घटना ने विपक्षी एकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने लिखा, “तेजस्वी यादव का जलवा है, उन्होंने कन्हैया और पप्पू यादव को मंच से दूर रखा।” दूसरे यूजर ने तंज कसते हुए कहा, “राहुल गांधी को अब तय करना होगा कि कांग्रेस को तेजस्वी चाहिए या कन्हैया।” कुछ लोगों ने इसे बिहारी नेताओं के साथ भेदभाव बताया। एक यूजर ने लिखा, “राहुल गांधी को पप्पू यादव से बात तक करने की जरूरत नहीं लगी, ये बिहारी नेताओं के लिए कितना अपमानजनक है।”
इस घटना ने न सिर्फ राहुल गांधी की टीम की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी साफ कर दिया है कि विपक्ष में सब कुछ ठीक नहीं है। एकता की तस्वीर दिखाने की कोशिश के बीच मंच पर बैठने की राजनीति उजागर हो गई है।



